वक़्त-१
वक़्त न होता गर
ज़ख्म हमारे भरता कौन
वक़्त-२
वक़्त सिखा देता है
सलीका जीने का
वक़्त-३
लिबास बदल देता है वक़्त
बचपन ,बुढ़ापा और ज़वानी
वक़्त-४
वक़्त आता है कभी, जाता है कभी
उम्र भर तो ठहरता नही
06 July 2007
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Khud hi manzil,khud hi raasta hai Jaane kya,insaan talashta hai