अहसास जल रहे है
अहसास मर रहे है
अहसास जलने न पाए
अहसास मरने न पाए
चलो कुछ देर
आँखों का कचरा साफ़ कर ले
दिमाग की धूल पोंछे
दिल को हरा कर ले
चलो कुछ देर
कुछ अपने, कुछ पराये ग़मो पे रो ले
अहसास जलने न पाए
अहसास मरने न पाए
03 August 2008
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1 comment:
बढिया लिखा है।
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