चाँद जुलाहा
रात सफेद परी
पूनम हुई
***
बना शहर
दरख्त मारे गए
गुम जंगल
***
मुझमे तू है
या कि तुझमे हूँ मैं
उलझन है
***
मंजिल क्या है
चंद कदम दूरी
कुछ तो चलो
09 February 2009
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Khud hi manzil,khud hi raasta hai Jaane kya,insaan talashta hai