30 October 2007

हरसूद

डूब चुका इक शहर
डूब चुका वर्तमान
रह गया इतिहास बाकी
नाम था हरसूद जिसका
आगोश में समा गया नर्मदा के
मोक्ष पा लेगा शायद

12 October 2007

तैयारी

दीवाली आ रही है
चलो कुछ तैयारी कर ले
कुछ दीपक,कुछ बातियां,
कुछ आतिशबाजियां,

और सुरक्षा बहुत

शहर में हो सकते है दंगे
कभी हँसने का ,कभी रोने का बहाना तो हो
कभी धूप हो ,कभी बारिश में नहाना तो हो