30 October 2007

हरसूद

डूब चुका इक शहर
डूब चुका वर्तमान
रह गया इतिहास बाकी
नाम था हरसूद जिसका
आगोश में समा गया नर्मदा के
मोक्ष पा लेगा शायद

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